बड़ाबाजार में ‘नकली नोटों’ के नाम पर ठगी का खेल उजागर, राजस्थान के 4 आरोपी गिरफ्तार

Spread the love

20 लाख रुपये के बंडल में ऊपर-नीचे असली नोट, बीच में सादे कागज; पुलिस हिरासत में भेजे गए चारों आरोपी

हिन्दूकाल संवाददाता

कोलकाता: महानगर के प्रमुख कारोबारी केंद्र बड़ाबाजार में कथित तौर पर नकली नोटों के बंडल दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में राजस्थान के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य असली नोटों की आड़ में सादे कागज से भरे बंडलों को 20 लाख रुपये की नकदी बताकर लोगों को ठगने की कोशिश करते थे। बुधवार को चारों आरोपियों को बैंकशाल अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया।

असली नोटों की आड़ में ठगी का कथित तरीका

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवा थापा, सुनील कुमार वर्मा, गोपाल गुर्जर और विजय पाल तंवर के रूप में हुई है। सभी आरोपी राजस्थान के नागौर और चूरू जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील दीप नारायण पात्राशी ने अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपियों के कथित ठगी के तरीके की जानकारी दी। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ऐसे बंडल तैयार करते थे, जिनके ऊपर और नीचे 500 रुपये के असली नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच के हिस्से में नोटों की जगह सादे कागज भरे होते थे। बंडल को असली नकदी जैसा दिखाने के लिए उस पर एक निजी बैंक का लोगो भी लगाया जाता था।

इस तरीके से बंडल को बड़ी रकम बताकर पेश किए जाने का आरोप है। हालांकि, मामले में ठगी की कुल रकम और बरामदगी से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बड़ाबाजार थाना प्रभारी पापिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। टीम में एसआई राज कुमार घोष, एसआई पन्नालाल गुरिया, एसआई अरशद अली और एसआई बुबाई पात्रा शामिल थे।

पुलिस ने पहले दो आरोपियों को पकड़ा। उनसे पूछताछ के बाद मामले में दो अन्य आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।

गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस

पुलिस को आशंका है कि इस मामले में एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी इस तरीके से किन लोगों को निशाना बनाते थे और इनके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

अभियोजन पक्ष ने मामले की गहराई से जांच करने और संभावित सहयोगियों तक पहुंचने के लिए आरोपियों की पुलिस हिरासत मांगी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को 8 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कथित ठगी के पूरे नेटवर्क, बंडल तैयार करने के तरीके और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top