
आज मतदान के दौरान प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई। जहाँ एक तरफ वोटिंग घंटों की देरी से शुरू हुई, वहीं दूसरी ओर शाम के 6 बजते ही मतदान केंद्रों के दरवाजे बंद कर दिए गए, जबकि सैकड़ों मतदाता अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
“जनता के वोट के अधिकार को छीना नहीं जा सकता!”
इस अन्याय की खबर मिलते ही कैलाश मिश्रा जी तुरंत मौके पर पहुंचे। जब सेंट्रल फोर्स के जवानों ने मतदाताओं को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए जवानों से सीधा संवाद किया और स्पष्ट किया कि जब तक लाइन में खड़ा आखिरी व्यक्ति वोट नहीं डाल लेता, बूथ बंद नहीं हो सकता।
🔥 संघर्ष का परिणाम:
कैलाश मिश्रा जी के हस्तक्षेप और दृढ़ संकल्प के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। उनके कड़े विरोध के बाद:
- ✅ बंद किए गए बूथ के दरवाजे फिर से खुले।
- ✅ लाइन में खड़े सभी मतदाताओं को अंदर जाने की अनुमति मिली।
- ✅ हर एक व्यक्ति ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कैलाश मिश्रा जी का संदेश:
“प्रशासन की सुस्ती जनता की सजगता को नहीं हरा सकती। हम हर हाल में लोकतंत्र की गरिमा और आपके वोट की रक्षा करेंगे।”
