
कोलकाता | 28 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल में इन दिनों भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तेज धूप के साथ-साथ हवा में घुली नमी लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। हालात ऐसे हैं कि पंखे या सामान्य राहत के साधनों के बावजूद लोगों को लगातार पसीना और बेचैनी महसूस हो रही है।
राज्य के कई हिस्सों, खासकर कोलकाता और आसपास के इलाकों में दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कुछ ही मिनटों में तेज गर्मी और उमस के कारण लोग थकान और असहजता महसूस करने लगते हैं। रात के समय भी तापमान में खास गिरावट नहीं होने से राहत सीमित बनी हुई है।
स्थानीय लोग भले ही इस मौसम के आदी हों, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी और दही जैसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी जा रही है।
मौसम में अचानक बदलाव, जैसे आंधी या बारिश, अस्थायी राहत जरूर देते हैं, लेकिन इनके साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, बंगाल में मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए नागरिकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और गर्मी से बचाव के उपायों को अपनाएं।
