हिन्दूकाल संवाददाता
19 लोगों की मौत के मामले में जांच जारी, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस; अदालत में बचाव और अभियोजन पक्ष ने रखीं दलीलें
कोलकाता: चोरबागान सार्वजनिक दुर्गापूजा के सप्तमी के दिन हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। बैंकशाल अदालत ने बुधवार को सुनवाई के बाद सभी आरोपियों की पुलिस हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच और आरोपियों की कथित भूमिका स्पष्ट करने के लिए पूछताछ जरूरी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजकुमार सेओड़ा, शांतनु दुबे, बिप्लब मुखर्जी, कौशिक साहा, पिंटू दे, सुमन चक्रवर्ती, राजेश पाल और संजीव साहा के रूप में हुई है। बुधवार को पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उनकी हिरासत बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
बचाव पक्ष ने मांगी जमानत, अभियोजन ने किया विरोध
अदालत में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता यासीन रहमान, राजा सेनगुप्ता सहित अन्य वकीलों ने जमानत के पक्ष में दलीलें पेश कीं। वहीं, सरकारी वकील दीप नारायण पकड़ाशी ने जांच की जरूरत का हवाला देते हुए आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पूजा कमेटी से जुड़े पदाधिकारी हैं और घटना के दौरान उनकी कथित भूमिका की जांच की जानी है। सरकारी वकील ने दलील दी कि प्रत्येक आरोपी की भूमिका अलग-अलग है और मामले में दर्ज कानूनी धाराओं के तहत जांच आगे बढ़ाना आवश्यक है।
सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों पर जांच
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि जांच के तहत कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इसके साथ ही घटनास्थल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की गई है। अभियोजन पक्ष का कहना था कि भगदड़ की परिस्थितियों और घटना के पीछे की वजहों को स्पष्ट करने के लिए आरोपियों से आगे पूछताछ जरूरी है।
सरकारी वकील ने मामले की गंभीरता का उल्लेख करते हुए पुलिस हिरासत बढ़ाने की अपील की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आठों आरोपियों की पुलिस हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी।
घटना के कारणों और जिम्मेदारी तय करने पर पुलिस का जोर
चोरबागान दुर्गापूजा के दौरान हुई इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद घटना को लेकर कई सवाल उठे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और आयोजन से जुड़े लोगों की कथित जिम्मेदारी क्या थी।
फिलहाल जांच जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, दर्ज बयानों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
