कोलकाता : 24 नवंबर, बंगीय हिंदी परिषद और शब्द साधना द्वारा संयुक्त तत्वावधान में वाराणसी से पधारे जनाब अख़लाक ‘भारतीय’ के सम्मान में बंगीय हिन्दी परिषद के ऐतिहासिक सभागार में एक भव्य काव्य संध्या का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता शब्द साधना की अध्यक्ष श्यामा सिंह ने की, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे अख़लाक खान ‘भारतीय’ और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थिति रहें नंदलाल रोशन और रौनक अफ़रोज।स्वागत वक्तव्य रखे शब्द साधना के साहित्य मंत्री शिवम तिवारी ने तथा मधुर सरस्वती वंदना की डाॅ उर्मिला साव ने। यह कार्यक्रम बंगीय हिन्दी परिषद के उपाध्यक्ष और शब्द साधना के महासचिव राम पुकार सिंह ‘पुकार ग़ाज़ीपुरी’ और बंगीय हिन्दी परिषद के प्रबंध मंत्री कमल पुरोहित ‘अपरिचित’ के आह्वान पर हुआ जिसमें कोलकाता, हावड़ा और हुगली जिले के चालीस साहित्य प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर इस सारस्वत यज्ञ में अपनी मेधा-मनीषा की आहुति देकर अपनी स्वरचित मुक्तक, गीत, ग़ज़ल-अग़ज़ल, गद्य कविता, चौपाई और दोहा सुना कर सभागार में उपस्थित सभी साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिए। मुख्य अतिथि अकलाख खान भारतीय ने भी कई रचनाओं का पाठ कर के मन जीत लिया, वे एक मजे हुए काव्य साधक है। उक्त काव्य संध्या में भाग लेने रचनाकारों में शिवम् तिवारी, धर्म देव सिंह, डाॅ उर्मिला साव, बिश्वजीत सिन्हा, शकील गोंडवी, सुरेश शाॅ, सुरेन्द्र सिंह, दया शंकर मिश्र, कृष्ण कुमार दूबे, कमल पुरोहित अपरिचित, सेराज खान बातिश, राम नारायण झा, सहर मजीदी, राम पुकार सिंह ‘पुकार ग़ाज़ीपुरी’, जोया अहमद, रंजीत सिंह, डाॅ.शाहिद फ़रोगी, रुख़सार खान, जोया अहमद, आफताब अहमद ख़ान, रंजना झा, अश्विनी झा, सारांश झा, आलिया खान, मोहम्मद इमाम, लक्ष्मी जायसवाल, आलोक चौधरी, भारती मिश्रा, मो अयूब वारसी, मुज़्तर इफ़्तिख़ारी, फौजिया अख़्तर रिदा, हीरालाल सुजान, नश्तर शाहिदी आदि प्रमुख थे।कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रदीप कुमार धानुक ने किया।धन्यवाद ज्ञापन कमल पुरोहित अपरिचित ने किया।

