हर इंसान खुद को सफल देखना चाहता है.

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हर कोई चाहता है कि उसके पास समृद्धि भी हो और प्रसिद्धि भी हो, लेकिन देखा जाए तो दुनिया में बहुत कम लोग ही ऐसा जीवन बना पाते हैं जिसमें सफलता, समृद्धि और प्रसिद्धि को पता भी नहीं चलता. 80 प्रतिशत लोगों को ऐसा लगता है कि जो लोग बहुत ज्यादा सफल और अमीर बनते हैं उनके अंदर कोई विशेष प्रतिभा होती है और उसी प्रतिभा के चलते वो बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंच पाते हैं. इस बात को लक्ष्य की और से जाने वाली आदते किसी भी प्रतिभा से बढ़कर है. जिस इंसान ने आदतों की असीमित शक्ति की पहबान लिया है. वी किसी भी मुकाम को हासिल करने के योग्य है. आपकी आदतें हर रोज या तो आपको बेहतर बना रहीं हैं या फिर बदतर, आदतों के प्रभाव के बारे में एक सच है कि ये जल्दी समझ में नहीं आता, किसी भी आदत का प्रभाव आपको तुरंत समदर नहीं आता, इसका पता कुछ समय बाद चलता है. आज आपकी जो भी आदतें हैं ये 1 से लेकर लगभग 5 साल बाद के आपके जीवन का निर्माण कर रहीं है. अभी से 2 साल बाद आपका जीवन कैसा होगा ये आपकी वर्तमान की आदतें तय करेंगी, सारा खेल आदतों का है. आप बहुत प्रतिभावान होकर भी बहुत पीछे छूट सकते हैं अगर आपने खुद को बुरी आदतों के चुंगल में फंसा दिया है. खानदानी रईस लोगों को आपने उनकी बुरी आदतों के चलते दिवालिया होते देखा या सुना होगा. अगर आप सच में सफल

सब हो. अधिकतर लोग एक साधारण जीवन जी कर कब इस दुनिया से चले जाते हैं किसी पूर्णतः तो नकारा नहीं जा सकता लेकिन ये आशिक सत्य है

क्योंकि बहुत ऐसे भी लोग हैं जिनमें प्रतिभा ती थी लेकिन फिर भी

जीवन में असफल रहे और वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी कई लोग

हैं जिनमें कोई खास प्रतिभा नहीं थी लेकिन उन्होंने फिर भी

सफलता की नई कहानियां लिखी ती सवाल उठता है कि

आखिर वी कौन सी बात है जो एक सफल इंसान को एक

असफल इंसान से अलग करती है, वो है आदतें, अच्छी और

होना बहते हैं तो आपको अपनी बुरी आदतों

को हटा के कुछ ऐसी आदतें विकसित करनी होगी जिसका कनेशान आपके लक्ष्य से हो. एडमिरल रिचर्ड बर्ड ने 12 साल की उम्र में अपनी डायरी में लिखा था कि वो उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाले पहले इंसान बनेंगे, उन्हें ठंड पसंद नहीं थी लेकिन इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने औपरकीट पहनने की बजाय हल्के अंडरवियर पहनने की आदत डाली ताकि उन्हें ठंड झेलने में दिक्कत ना हो और अंततः के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के ऊपर से उड़ने वाले पहले इंसान बने. किसी भी चीज के लिए सबसे पहले अपने लक्ष्य से जुड़े कुछ आदतों को लिखिए

को आदत बनाने के लिए आपको उस काम को बार बार दोहराना होगा. आदतों के विकास में निरंतरत और अनुशासन, ये दो चीजें सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. अगर आप हर दिन किसी खास

समय और किसी खास जगह पर कोई काम लंबे वक्त तक करते है तो एक दिन वो आपकी आदत बन जायेगी. किसी भी काम के आदत बनने के बाद आप उसे बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं और वो काम आपके लिए बहुत सरल हो जाता है. आदत बनाने

कौन कौन सी आदते हैं जो आपके लक्ष्य में सहायक हो सकती है. फिर इनमें से किसी एक की सबसे पहले चुनें. अब एक संकल्प ले कि किसी भी हाल में आप इसे कम से कम 90 दिनों तक दोहराएंगे. अब हर दिन खुद से लड़ते हुए इसे पूरा कीजिए

और आप पाएंगे कि जी काम आपको शुरुवात में बहुत मुश्किल लगता था, 30 दिनों के बाद ही वी आपको आसान लगने लगेगा, फिर चाहे वो किताब पढ़ने के आदत हो, सुबह जगने की आदत हो, व्यायाम करने की आदत हो, हर रोज कुछ लिखने की आदत

हो या कुछ और ही क्यों न हो. अगर एक साधारण इंसान ने भी अपने संकल्प से सफल लोगों की आदते खुद के अंदर विकसित कर लीं तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता. याद रखिएगा आप अक्सर अपनी मनचाही सफलता से सिर्फ एक या दो आदतें दूर होते हैं.

जय हिंद, जय जिंदगी।


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