विश्वकर्मा बंगाल के निर्माण में MSME की अहम भूमिका: FASII

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कोलकाता, 29 जून। अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस 2026 के अवसर पर फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस ऑफ स्मॉल इंडस्ट्रीज़ ऑफ इंडिया (FASII) ने कोलकाता के ICCR ऑडिटोरियम में “विकसित बंगाल में MSME की अपार संभावनाएं” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में उद्योग जगत, सरकार, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों, स्टार्टअप, शिक्षाविदों और उद्यमियों की बड़ी भागीदारी रही। संगोष्ठी में पश्चिम बंगाल को देश का अग्रणी औद्योगिक और उद्यमिता केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया गया।

कार्यक्रम को इन्फ्राफ्यूजन इंजीनियरिंग लिमिटेड (IFL) का सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर मंत्री दीपक बर्मन, डॉ. शंकर घोष, डॉ. इंद्रनील खान और अशोक डिंडा सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने MSME क्षेत्र को आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रमुख आधार बताया।

FASII के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश्वर पांडा ने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल को सतत विकास, समृद्धि और रोजगार में अग्रणी बनाना है, तो MSME क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में लाना होगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से उद्योग-अनुकूल नीतियां, आसान स्वीकृति प्रक्रिया, वित्तीय सहायता, पर्याप्त सब्सिडी, विश्वस्तरीय औद्योगिक ढांचा और निर्यात को बढ़ावा देने वाला वातावरण विकसित करने की अपील की।

संगोष्ठी में औद्योगिक नीति सुधार, ऋण सुविधा, डिजिटल परिवर्तन, AI आधारित मैन्युफैक्चरिंग, तकनीकी नवाचार, निर्यात प्रोत्साहन, स्टार्टअप विकास, महिला उद्यमिता, कौशल विकास और ग्रामीण उद्योग विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी प्रतिभागियों ने सरकार, उद्योग और वित्तीय संस्थानों के समन्वित प्रयासों से पश्चिम बंगाल को MSME और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर सहमति जताई।

कार्यक्रम के दौरान उद्योग और उद्यमिता को समर्पित एक प्रेरणादायक गीत भी लॉन्च किया गया, जिसने उपस्थित लोगों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया।

कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत IFL के सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को नि:शुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

संगोष्ठी की एक विशेष आकर्षण आध्यात्मिक संतों की उपस्थिति रही। रामकृष्ण मिशन के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी परमात्मानंद गिरी जी महाराज, भारत सेवाश्रम संघ के पद्मश्री स्वामी प्रदीप्तानंद जी महाराज (कार्तिक महाराज) तथा महाराज हिरण्यमय गोस्वामी जी ने उद्योग, उद्यमिता, श्रम और राष्ट्र निर्माण के परस्पर संबंध पर प्रकाश डालते हुए सभी से औद्योगिक विकास के अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई उद्योगपतियों और उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. अजीत कुमार जैन, संजय गोयनका, अनिल चनानी और सोमनाथ अडुकिया सहित अन्य प्रमुख नाम शामिल रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में FASII पश्चिम बंगाल के चेयरमैन संजय सुरेका, राष्ट्रीय आर्थिक सलाहकार शोभित छावछरिया, उपाध्यक्ष देवदत्त बनर्जी तथा संगठन के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों, वित्तीय संस्थानों, सहयोगी संगठनों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल को “विश्वकर्मा बंगाल” बनाने के अपने संकल्प को दोहराया।


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