जगदीश चन्द्र बोस भारतीय वानस्पतिक उद्यान का भ्रमण
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत लाल चंदन का पौधा लगाया, ग्रेट बरगद वृक्ष का किया अवलोकन
हावड़ा | हिन्दुकाल न्यूज़
भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 जुलाई 2026 को भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (बीएसआई) के आचार्य जगदीश चन्द्र बोस भारतीय वानस्पतिक उद्यान (एजेसीबीआईबीजी), हावड़ा का भ्रमण किया। उद्यान पहुंचने पर डॉ. एस. पी. पांडा, वैज्ञानिक-डी, क्यूरेटर एवं प्रभारी ने बीएसआई के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
भ्रमण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने महान वैज्ञानिक आचार्य जगदीश चन्द्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रव्यापी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत संकटग्रस्त एवं भारत की स्थानिक प्रजाति लाल चंदन का पौधा रोपित किया। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित वृक्षारोपण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
इसके पश्चात मंत्री ने विश्वप्रसिद्ध ग्रेट बरगद वृक्ष का भ्रमण किया और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों से इसकी विशाल संरचना, पारिस्थितिक महत्व, स्वास्थ्य निगरानी तथा संरक्षण संबंधी वैज्ञानिक उपायों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
वैज्ञानिकों ने उन्हें उद्यान में संचालित दुर्लभ एवं संकटग्रस्त पौधों के एक्स-सीटू संरक्षण, पौध संग्रह, वनस्पति अनुसंधान, पर्यावरण शिक्षा एवं जैव विविधता संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी भी दी।
श्री चौहान ने भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा देश की वनस्पति संपदा के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रलेखन, वर्गिकी (टैक्सोनॉमी) अनुसंधान तथा जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बीएसआई भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के साथ संवाद कर उनके समर्पण, अनुसंधान और वैज्ञानिक उत्कृष्टता की प्रशंसा की तथा भविष्य में पौध संरक्षण, अनुसंधान और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
273 एकड़ में फैला आचार्य जगदीश चन्द्र बोस भारतीय वानस्पतिक उद्यान एशिया के सबसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित वानस्पतिक उद्यानों में से एक है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण द्वारा संचालित यह उद्यान पौध विविधता संरक्षण, अनुसंधान एवं पर्यावरण शिक्षा का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण केंद्र है। इसकी सबसे बड़ी पहचान विश्वविख्यात ग्रेट बरगद वृक्ष है, जो भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण का प्रतीक चिन्ह भी है।


