
हावड़ा, 6 मार्च (शुक्रवार): पवित्र माह रमज़ान के अवसर पर सैयद मीर मस्जिद में तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरआन पाक की तकमील का कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, धार्मिक विद्वान और समुदाय के सम्मानित सदस्य मौजूद रहे।
ग़ौरतलब है कि गैर-मुस्लिम बहुल इलाके में स्थित इस मस्जिद में मजदूर वर्ग की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष तरावीह में कुरआन पाक की तकमील 16 दिनों में पूरी की गई। कुरआन शरीफ की तिलावत और तकमील हाफिज एहसान रज़ा रिज़वी, इमाम सैयद मीर मस्जिद ने कराई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हाफिज असगर अली रिज़वी, इमाम नूरी मस्जिद, के साथ हाफिज मोहम्मद इस्लाम, हाफिज मोहम्मद तनवीर आलम और हाफिज मोहम्मद जरीफ (पूर्व इमाम फिरदौस मस्जिद) सहित कई धार्मिक विद्वान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नात-ए-रसूल से हुई, जिसे डॉ. सलीम अख्तर ने पेश किया। इसके बाद परवेज हबीबी और अनवर अली कादरी, जो सैयद मीर मस्जिद के खादिम भी हैं, ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर हाफिज कयामुद्दीन ने कुरआन पाक की तकमील, रोज़े और तरावीह की नमाज़ की फज़ीलत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमज़ान का महीना इबादत, सब्र और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देता है।
कार्यक्रम में बतौर अतिथि बदरु अंसारी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि हाफिज गुलाब अशरफी, मुअज्जिन फिरदौस मस्जिद, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तरावीह की नमाज़ पढ़ाने की सेवा दे रहे हैं।
इस मौके पर कय्यूम खान, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद अली जौहर, जावेद अख्तर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में शमीम खान द्वारा उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयाँ (शीरनियाँ) वितरित की गईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में मोहम्मद शाहील खान, मोहम्मद असलम और सद्दाम ने अहम भूमिका निभाई।
यह धार्मिक आयोजन रमज़ान के पवित्र महीने में समुदाय की एकता, भाईचारे और आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक बनकर सामने आया।
