महाजाति सदन में बैंक कर्मचारियों का महासम्मेलन — B.P.B.E.A. के 31वें राज्य सम्मेलन में गरजे श्रमिक अधिकारों के स्वर

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कोलकाता | 13 फरवरी 2026 | विशेष संवाददाता

कोलकाता के ऐतिहासिक महाजाति सदन में शुक्रवार को बंगाल प्रांतीय बैंक कर्मचारी संघ (B.P.B.E.A.) का 31वां राज्य सम्मेलन अत्यंत भव्य, संगठित और ऊर्जावान वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन ने बैंकिंग क्षेत्र के समकालीन संकट, कर्मचारी अधिकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के भविष्य को लेकर निर्णायक बहस का मंच प्रदान किया।

सम्मेलन से पूर्व बी.बी.डी. बाग से महाजाति सदन तक बैंक कर्मचारियों की एक विशाल, अनुशासित और जोशीली रैली निकाली गई। महानगर के केंद्र से गुज़री इस ऐतिहासिक शोभायात्रा ने कर्मचारियों की एकजुटता, संघर्षशीलता और मांगों की ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

उद्घाटन सत्र में 1,000 से अधिक प्रतिनिधि और पर्यवेक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिसने सम्मेलन को राष्ट्रीय स्तर की गंभीरता प्रदान की। सम्मेलन का उद्घाटन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने किया, जबकि ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम मुख्य अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।

अपने प्रभावशाली संबोधनों में वक्ताओं ने देश के बैंकिंग क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, कर्मचारी अधिकारों पर बढ़ते दबाव, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मज़बूत बनाए रखने की आवश्यकता तथा संगठित ट्रेड यूनियन आंदोलन की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

🔎 सम्मेलन में उठे प्रमुख मुद्दे

  • श्रमिक एवं कर्मचारी अधिकारों की सुरक्षा
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सुदृढ़ीकरण
  • तीव्र डिजिटाइजेशन की चुनौतियाँ
  • वित्तीय नीतिगत परिवर्तनों का प्रभाव

📢 प्रमुख मांगें

  • नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
  • रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती
  • सेवा शर्तों में सुधार
  • सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण पर रोक
  • ग्राहक सेवा सुदृढ़ हो
  • सेवा शुल्कों में कमी
  • जन-बैंकिंग का विस्तार
  • कॉरपोरेट द्वारा सार्वजनिक धन की लूट पर रोक

तीन दिवसीय यह महत्त्वपूर्ण सम्मेलन 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। सम्मेलन का केंद्रीय उद्देश्य बैंक यूनियनों की राष्ट्रीय एकजुटता को और मजबूत करना तथा ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के साथ समन्वय बढ़ाते हुए उद्योग-स्तरीय समस्याओं के समाधान की ठोस रणनीति तैयार करना है।

वर्ष 2026 के प्रारंभ में बैंक यूनियनों द्वारा उठाए गए कदमों, लंबित मांगों तथा संभावित औद्योगिक आंदोलनों की रूपरेखा पर भी सम्मेलन में व्यापक मंथन जारी है।

— राजेन नागर
महासचिव
बंगाल प्रांतीय बैंक कर्मचारी संघ (B.P.B.E.A.)


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