नई दिल्ली। श्रीश्री हरिचंद ठाकुर के मानवतावादी आदर्शों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में मातुआ समाज की ओर से एक भव्य सम्मान एवं महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न राज्यों से हजारों मातुआ श्रद्धालुओं ने भाग लिया। लगभग 70 दलपति पागल गोसाईं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल सरकार के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया रहे, जिन्हें आयोजन समिति की ओर से पारंपरिक सम्मान प्रदान किया गया। सभा में मातुआ समाज की एकता, शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण तथा सामाजिक विकास पर विशेष बल दिया गया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि श्रीश्री हरिचंद ठाकुर के मानवतावादी विचार आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मातुआ समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को जिस प्रकार सुरक्षित रखा है, वह सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के प्रयासों में हर वर्ग के साथ खड़ी रहेगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सजल गोसाईं ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर के बंगाली एवं मातुआ समाज के लोगों का अभूतपूर्व सहयोग इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि समाज की एकता और संगठनात्मक शक्ति को और मजबूत बनाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे।
अपने संबोधन में खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा कि मातुआ समाज की प्रगति का आधार शिक्षा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा दिल्ली में प्रवासी मातुआ समाज की इतनी बड़ी भागीदारी उसकी मजबूत संगठनात्मक क्षमता का प्रमाण है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुखेन गायेन, तापस विश्वास, परितोष विश्वास, माधव विश्वास, समीर दास सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों का कहना है कि यह महासम्मेलन मातुआ समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक एकता को नई मजबूती प्रदान करेगा तथा हरिचंद ठाकुर के आदर्शों को देशभर में और व्यापक रूप से प्रसारित करने का माध्यम बनेगा।

