
कोलकाता।
पश्चिम बंगाल में इंडसइंड बैंक के 43 एटीएम में कार्यरत 126 सुरक्षा गार्डों की नौकरी पर संकट गहराता नजर आ रहा है। बंगाल प्रोविंशियल बैंक्स कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉइज एसोसिएशन (BPBCEA) ने आरोप लगाया है कि इन कर्मचारियों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो सकती है।
संगठन का दावा है कि संबंधित सुरक्षा एजेंसी और उसके वेंडरों के माध्यम से नियुक्त इन सुरक्षा कर्मियों को अक्टूबर 2020 से केंद्रीय न्यूनतम वेतन, वीडीए (Variable Dearness Allowance) तथा अन्य कानूनी वित्तीय सुविधाओं का भुगतान भी नहीं किया गया है।
इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को कोलकाता के शेक्सपियर सरणी स्थित इंडसइंड बैंक शाखा के सामने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि कई सुरक्षा गार्ड पिछले 15 से 16 वर्षों से बैंक के लिए सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में अचानक नौकरी समाप्त होने से उनके और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो सकता है।
यूनियन ने इंडसइंड बैंक प्रबंधन, संबंधित ठेकेदार कंपनियों और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रखने, बकाया वेतन का भुगतान करने और सभी वैधानिक सुविधाएं सुनिश्चित करने की अपील की है।
BPBCEA के महासचिव सैयद मोहम्मद साहाबुद्दीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के सभी इंडसइंड बैंक शाखाओं और एटीएम के सामने राज्यव्यापी धरना और जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और श्रम अधिकारों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
